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Saturday, 26 December 2015


तेरी यादो ने कोई जवाब ही नहीं दिया
हम बेवजह अश्को से फरियाद करते रहे

Monday, 16 November 2015


समेट कर ले जाओ . अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से . .
अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर. इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

तुमने हाथों की लकीरों मे ढुंढा..

अगर मेरे दिल मे ढुंढते, तो यकिनन मोहब्बत मिल जाती!!

सफ़र तुम्हारे साथ बहुत छोटा था मगर
    यादगार हो गये तुम अब ज़िंदगी भर के लिए...

Monday, 9 November 2015


तलब मौत की करना गुनाह है ज़माने में यारो…
मरने का शौक है तो मुहब्बत क्यों नहीं करते !
अब की बार मिलोगे तो खुब रूलायेगे तुम्हें 
सुना है तुम्हें रोने के बाद सीने से लिपट जाने की आदत है .....
बहुत तकलीफ़ देती है ना मेरी बाते तुम्हें … 
देख लेना एक दिन मेरी खामोशी तुमको रुला देगी….!!
याददाश्त की दवा बताने में सारी दुनिया लगी है, 
तुमसे बन सके तो तुम हमें भूलने की दवा बता दो..
"शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी, पर चुप इसलिये हु कि,  
जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"..
उसके हाथ की गिरिफ्त ढीली पड़ी तो महसूस हुआ 
यही वो जगह है जहाँ रास्ता बदलना है…
ना पुछ मेरे सबर् कि हद् कहाँ तक है। 
कर के सितम देख ले ज़ालिम तेरी ताकत जहाँ तक है।
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां 
ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला...!
“कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी..., 
तभी तो तुझे मेरी याद अब नहीं आती..!”
छोटा बनके रहोगें तो, मिलेगी हर बड़ी रहमत दोस्तों
बड़ा होने पर तो माँ भी, गोद से उतार देती है……..!!

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ “इश्क” मुकम्मल,
इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है….!!

Saturday, 7 November 2015

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं,
 क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा..
रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है,
कि लोग झुकना पसंद नहीं करते…!!
तुमने समझा ही नहींऔर ना समझना चाहा,
  हम चाहते ही क्या थे तुमसे… “तुम्हारे सिवा”.

लूट लेते हैं अपने ही, 
वरना गैरों को क्या पता इस दिल की दीवार कमजोर कहाँ से है !

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की,
हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली |

क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर ,
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं…
तेरी तलाश में निकलू भी तो क्या फायदा..
तुम बदल गए हो.. खो गए होते तो और बात थी|


मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे
इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!



ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है,
मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है|

ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको,
बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..!

मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नही..
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की,
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे|

जहर से खतरनाक है यह मोहब्बत,
जरा सा कोई चख ले तो मर मर के जीता है!

आज़ाद कर दूंगा तुमको अपनी मुहब्बत की क़ैद से,
करे जो हमसे बेहतर तुम्हारी क़दर पहले वो शख्स तो ढूँढो..

जिनका मिलना मुकद्दर मे लिखा नही होता..
उनसे मुहबत कसम से कमाल की होती है ।।